Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025

Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025 : गरीब परिवारों के लिए रोजगार की नई शुरुआत
Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025 बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी और कल्याणकारी योजना है, जिसे राज्य के अत्यंत गरीब और आजीविका से वंचित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को ₹2,00,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि वे अपना खुद का रोजगार या स्वरोजगार शुरू कर सकें।
राज्य में आज भी कई ऐसे परिवार हैं जिनके पास स्थायी आमदनी का कोई साधन नहीं है। खासकर वे परिवार जो पहले शराब या ताड़ी के व्यवसाय से जुड़े थे, लेकिन राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद उनका रोजगार पूरी तरह बंद हो गया। ऐसे सभी जरूरतमंद परिवारों को दोबारा सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देने के लिए सरकार ने बिहार सतत जीविकोपार्जन योजना को लागू किया है।
इस लेख में हम आपको Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025 से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से बताएंगे, जैसे – योजना क्या है, उद्देश्य, लाभ, पात्रता, दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और सहायता व्यवस्था।
Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025 : Overview
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार सतत जीविकोपार्जन योजना 2025 |
| शुरू की गई | बिहार सरकार द्वारा |
| उद्देश्य | गरीब परिवारों को रोजगार/स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता |
| अधिकतम सहायता राशि | ₹2,00,000 |
| अतिरिक्त सहायता | 7 महीने तक ₹1,000 प्रति माह + ₹60,000 तक संपत्ति सहायता |
| लाभार्थी | अत्यंत गरीब, बेरोजगार, शराब/ताड़ी छोड़ चुके परिवार |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑफलाइन (जीविका दीदी के माध्यम से) |
| भुगतान | 2–3 किस्तों में |
| प्रशिक्षण | कौशल विकास व व्यवसाय प्रशिक्षण |
| आवेदन शुल्क | नहीं |
| जरूरी दस्तावेज | आधार, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो आदि |
Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025 क्या है?
बिहार सतत जीविकोपार्जन योजना 2025 एक ऐसी सरकारी पहल है, जिसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगार परिवारों को स्थायी आय का साधन उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के अंतर्गत सरकार न केवल आर्थिक सहायता देती है, बल्कि लाभार्थियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे लंबे समय तक अपना रोजगार चला सकें।
योजना के तहत सरकार ₹2 लाख तक की सहायता प्रदान करती है, जिससे लाभार्थी पशुपालन, खेती, दुकान, छोटा व्यवसाय या अन्य स्वरोजगार गतिविधियाँ शुरू कर सकें।
सहायता और समर्थन की व्यवस्था
इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम संगठन (Village Organization – VO) को सौंपी गई है।
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VO जरूरतमंद परिवारों की पहचान करता है
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लाभार्थियों को योजना की जानकारी देता है
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व्यवसाय चयन और प्रशिक्षण में सहायता करता है
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Master Resource Person (MRP) द्वारा मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है
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एक MRP लगभग 30–35 परिवारों को सपोर्ट करता है
Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025 के मुख्य उद्देश्य
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अत्यंत गरीब और वंचित परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना
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शराबबंदी से प्रभावित परिवारों को नया रोजगार उपलब्ध कराना
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बेरोजगारी कम करना
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स्वरोजगार को बढ़ावा देना
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परिवारों की आय बढ़ाकर उन्हें गरीबी रेखा से बाहर लाना
योजना की प्रमुख विशेषताएँ
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रोजगार शुरू करने के लिए ₹2 लाख तक की सहायता
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शुरुआती 7 महीनों तक ₹1,000 प्रति माह अतिरिक्त सहायता
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₹60,000 तक की संपत्ति (पशु, उपकरण, मशीन आदि)
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PMJJBY और PMSBY के तहत बीमा कवरेज
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पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना से लिंक
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पूरी तरह निःशुल्क आवेदन
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कौशल विकास और व्यवसाय प्रशिक्षण अनिवार्य
Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025 के लाभ
✅ रोजगार का अवसर
लाभार्थी अपनी पसंद के अनुसार स्वरोजगार जैसे – पशुपालन, खेती, दुकान या छोटा उद्योग शुरू कर सकते हैं।
✅ आर्थिक सहायता
व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकार बिना किसी शुल्क के आर्थिक मदद प्रदान करती है।
✅ कौशल प्रशिक्षण
लाभार्थियों को उनके काम से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे व्यवसाय सफल हो सके।
✅ आय में वृद्धि
इस योजना से परिवार की मासिक आमदनी बढ़ती है और जीवन स्तर में सुधार होता है।
सरकार की अब तक की उपलब्धियाँ
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2,01,000 से अधिक परिवारों को लाभ
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प्रति परिवार लगभग ₹1 लाख तक की सहायता
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योजना के लिए ₹31.39 अरब का बजट आवंटन
लाभ राशि देने की प्रक्रिया
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सहायता राशि 2 या 3 किस्तों में दी जाती है
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पहली किस्त पात्रता तय होते ही
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अगली किस्तें कार्य प्रगति के आधार पर
पात्रता (Eligibility)
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आवेदक बिहार का निवासी हो
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परिवार अत्यंत गरीब श्रेणी में हो
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शराब/ताड़ी से जुड़ा कार्य पूरी तरह छोड़ा हो
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SC/ST और कमजोर वर्ग को प्राथमिकता
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स्थायी आय का कोई साधन न हो
आवश्यक दस्तावेज
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आधार कार्ड
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राशन कार्ड
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बैंक खाता विवरण
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पासपोर्ट साइज फोटो
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मोबाइल नंबर
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आय/गरीबी प्रमाण पत्र
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जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
🔗 Important Government Links – Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025
1️⃣ बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट
👉 https://state.bihar.gov.in
(योजना से जुड़ी सरकारी घोषणाएँ और अपडेट यहाँ मिलते हैं)
2️⃣ जीविका (Bihar Rural Livelihoods Promotion Society – BRLPS) Official Website
👉 https://brlps.in
(सतत जीविकोपार्जन योजना जीविका के माध्यम से ही लागू की जाती है)
3️⃣ ग्रामीण विकास विभाग, बिहार
👉 https://rdd.bihar.gov.in
(ग्रामीण गरीब परिवारों से जुड़ी सभी योजनाओं की जानकारी)
4️⃣ मुख्यमंत्री सात निश्चय / गरीबी उन्मूलन योजनाएँ (Bihar Govt Portal)
👉 https://7nischay-yuvaupmission.bihar.gov.in
(गरीब एवं वंचित परिवारों के लिए राज्य सरकार की योजनाएँ)
5️⃣ आधार कार्ड – UIDAI (दस्तावेज़ सत्यापन हेतु)
👉 https://uidai.gov.in
6️⃣ राशन कार्ड एवं PDS बिहार पोर्टल
👉 https://epds.bihar.gov.in
7️⃣ प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)
👉 https://jansuraksha.gov.in
✍️ आप आर्टिकल में ऐसे लिंक लगा सकते हैं (Example)
अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार जीविका की आधिकारिक वेबसाइट पर विज़िट कर सकते हैं।
योजना से जुड़ी ताज़ा अपडेट के लिए बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
Bihar Satat Jivikoparjan Yojana 2025 के लिए आवेदन कैसे करें?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है:
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अपने गांव की जीविका दीदी से संपर्क करें
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योजना की जानकारी और आवेदन फॉर्म प्राप्त करें
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सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न करें
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जीविका दीदी फॉर्म संबंधित कार्यालय में जमा करें
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सत्यापन के बाद लाभ प्रदान किया जाएगा
बिहार सरकार की सतत् जीविकोपार्जन योजना (SJY) 2025 अत्यंत गरीब परिवारों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह योजना न केवल गरीबी मिटाने का प्रयास करती है, बल्कि उन परिवारों को एक नया जीवन देती है जो पहले ताड़ी या देसी शराब के धंधे में शामिल थे।
यहाँ इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है:
सतत् जीविकोपार्जन योजना (SJY) क्या है?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 5 अगस्त 2018 को इस योजना की शुरुआत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के उन अत्यंत निर्धन परिवारों को मुख्यधारा में लाना है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह पिछड़ चुके हैं। 2024-25 के बजट में इस योजना को और अधिक विस्तार दिया गया है ताकि इसका लाभ राज्य के हर कोने तक पहुँच सके।
इस योजना का क्रियान्वयन ‘जीविका’ (Jeevika – Bihar Rural Livelihoods Promotion Society) द्वारा किया जा रहा है।
योजना के मुख्य उद्देश्य
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वैकल्पिक आजीविका: शराबबंदी के बाद जो परिवार ताड़ी या शराब के व्यवसाय पर निर्भर थे, उन्हें खेती, पशुपालन या छोटे व्यापार की ओर मोड़ना।
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सतत आय (Sustainable Income): अत्यंत गरीब परिवारों के लिए आय का एक स्थायी स्रोत बनाना।
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महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को ‘जीविका’ समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।
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वित्तीय सहायता: गरीब परिवारों को व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक मदद प्रदान करना।
2025 में योजना के नए लाभ (New Benefits)
हाल ही में सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि में वृद्धि की है। 2025 के प्रावधानों के अनुसार:
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2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता: पात्र परिवारों को अपना नया व्यवसाय (जैसे- किराना दुकान, सिलाई-कढ़ाई, मुर्गी पालन, बकरी पालन आदि) शुरू करने के लिए 1 लाख से 2 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है।
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मासिक भत्ता (Livelihood Gap Assistance): जब तक नया व्यवसाय स्थिर नहीं हो जाता, तब तक सरकार लाभार्थी परिवार को 1,000 रुपये प्रति माह की दर से 7 से 12 महीनों तक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
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प्रशिक्षण और कौशल विकास: लाभार्थियों को उनके द्वारा चुने गए व्यवसाय के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है।
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पक्का मकान: योजना के कई लाभार्थियों को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ या राज्य की आवास योजनाओं के तहत प्राथमिकता दी जा रही है।
किसे मिलेगा लाभ? (Eligibility Criteria)
इस योजना के लिए पात्र होने हेतु निम्नलिखित शर्तें हैं:
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बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
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वे परिवार जो पहले ताड़ी या देसी शराब की बिक्री/उत्पादन में लगे थे।
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अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महादलित समुदाय के अत्यंत गरीब परिवार।
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वैसे परिवार जिनका कोई कमाऊ सदस्य नहीं है या जो सामाजिक रूप से अत्यंत बहिष्कृत हैं।
योजना की प्रक्रिया (How it Works)
यह योजना केवल पैसे बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह “Graduation Approach” पर आधारित है:
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पहचान: जीविका दीदियों के माध्यम से सबसे गरीब परिवारों का सर्वेक्षण और पहचान की जाती है।
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परामर्श: विशेषज्ञों (Master Resource Persons) द्वारा परिवार को सलाह दी जाती है कि वे कौन सा व्यवसाय बेहतर ढंग से कर सकते हैं।
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संपत्ति हस्तांतरण (Asset Transfer): नगद पैसे के बजाय, अक्सर उन्हें व्यवसाय के लिए आवश्यक सामान (जैसे- गाय, सिलाई मशीन, दुकान का सामान) खरीद कर दिया जाता है।
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निरंतर निगरानी: अगले 24 महीनों तक परिवार की प्रगति की निगरानी की जाती है ताकि वे दोबारा गरीबी के जाल में न फंसें।
आवेदन कैसे करें?
सतत् जीविकोपार्जन योजना के लिए कोई सीधी ऑनलाइन वेबसाइट नहीं है। इसकी प्रक्रिया पूरी तरह ‘जीविका’ के नेटवर्क पर आधारित है:
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संपर्क: इच्छुक व्यक्ति अपने गांव के ‘जीविका’ समूह या ग्राम संगठन (Village Organization) से संपर्क कर सकते हैं।
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सर्वेक्षण: जीविका के अधिकारी (CRP/MRP) समय-समय पर गांवों का भ्रमण करते हैं और पात्र परिवारों की सूची तैयार करते हैं।
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दस्तावेज: आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है।
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निष्कर्ष
बिहार सतत् जीविकोपार्जन योजना 2025 केवल एक वित्तीय योजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक सुधार है। यह उन परिवारों को सम्मान के साथ जीने का अवसर देती है जो वर्षों से हाशिए पर थे। यदि आपके आसपास कोई ऐसा परिवार है जो अत्यंत गरीब है या शराब का धंधा छोड़ना चाहता है, तो उसे ‘जीविका’ कार्यालय से जुड़ने की सलाह दें।
FAQS
1. What is the primary benefit of the Satat Jivikoparjan Yojana? The primary benefit is a financial grant of up to ₹2 lakhs to start a business (like a grocery store, poultry, or tailoring) and a monthly allowance of ₹1,000 for up to a year to support the family during the initial phase.
2. Who is eligible to apply for this scheme? Eligibility is limited to permanent residents of Bihar who belong to extremely poor households. Priority is given to families formerly involved in the liquor/toddy trade and those from SC, ST, and Mahadalit communities who have no stable source of income.
3. Is there an online application portal for SJY 2025? No, there is no direct online application. The selection is done through a field survey conducted by JEEViKA cadres. Interested persons should contact their local Jeevika Village Organization (VO) or Cluster Level Federation to be identified during the “Ultra-Poor” mapping process.
4. Is the money provided under this scheme a loan that must be repaid? No, the assistance provided under SJY is a grant, not a loan. The beneficiary does not have to return the money to the government, provided it is used strictly for the intended livelihood purpose.
5. What kind of businesses can I start under this scheme? Beneficiaries can choose from a variety of small-scale businesses including poultry farming, goat rearing, opening a small retail/kirana shop, honey production, or purchasing a sewing machine/e-rickshaw, depending on their skills.
