Bihar Krishi Input Subsidy 2025 Apply Online

Bihar Krishi Input Subsidy 2025 Apply Online

बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2025 की शुरुआत की गई है। यह योजना उन किसानों के लिए एक जीवनदायिनी साबित हो रही है जिनकी फसलें अक्टूबर 2025 में हुई अत्यधिक वर्षा, बाढ़ या मानसून के कारण प्रभावित हुई थीं। बिहार सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और किसानों को राहत देने के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित किया है।

इस विस्तृत लेख में हम Bihar Krishi Input Subsidy 2025 के बारे में वह सब कुछ जानेंगे जो एक किसान के लिए जरूरी है—जैसे आवेदन कैसे करें, अंतिम तिथि क्या है, और कितनी सहायता राशि मिलेगी।


बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2025: मुख्य विवरण

विवरण जानकारी
योजना का नाम बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2025
विभाग कृषि विभाग, बिहार सरकार
लाभार्थी बिहार के किसान (रैयत एवं गैर-रैयत)
आवेदन का माध्यम ऑनलाइन (DBT Agriculture Portal)
आवेदन की नई अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2025 (विस्तारित)
अधिकतम लाभ ₹22,500 प्रति हेक्टेयर (अधिकतम 2 हेक्टेयर तक)

1. कृषि इनपुट अनुदान योजना क्या है?

यह योजना बिहार सरकार की एक विशेष पहल है जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं (जैसे सूखा, बाढ़ या बेमौसम बारिश) के कारण होने वाले फसल नुकसान की भरपाई करना है। वर्ष 2025 में अक्टूबर महीने में हुई भारी बारिश से राज्य के कई जिलों में धान और अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुँचा था। सरकार इस नुकसान की भरपाई “कृषि इनपुट” (बीज, खाद आदि) के खर्च के रूप में नकद अनुदान देकर करती है।


2. सहायता राशि का विवरण (Subsidy Rates)

बिहार सरकार ने फसलों के नुकसान के आधार पर अनुदान की राशि तय की है:

  • असिंचित (Non-Irrigated) फसल क्षेत्र: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर।

  • सिंचित (Irrigated) फसल क्षेत्र: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर।

  • शाश्वत/बहुवर्षीय फसलें (जैसे गन्ना, फलदार वृक्ष): ₹22,500 प्रति हेक्टेयर।

महत्वपूर्ण सूचना: यह अनुदान अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 494 डिसमिल) तक की भूमि के लिए ही देय है। साथ ही, सरकार ने न्यूनतम अनुदान राशि भी तय की है:

  • असिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम ₹1,000।

  • सिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम ₹2,000।


3. पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आप इन शर्तों को पूरा करते हैं:

  1. स्थायी निवासी: आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी और किसान होना चाहिए।

  2. DBT पंजीकरण: किसान का बिहार कृषि विभाग के DBT Portal पर 13 अंकों का पंजीकरण संख्या होना अनिवार्य है।

  3. नुकसान की सीमा: फसल क्षति कम से कम 33% होनी चाहिए।

  4. क्षेत्र: किसान उन्हीं जिलों या पंचायतों से होना चाहिए जिन्हें सरकार ने ‘प्रभावित’ घोषित किया है।


4. आवश्यक दस्तावेज (Important Documents)

ऑनलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  • किसान पंजीकरण संख्या (13 अंक)

  • भूमि के दस्तावेज: एलपीसी (LPC) या जमीन की रसीद (वर्ष 2023-24 या 24-25 की करंट रसीद)।

  • गैर-रैयत किसानों के लिए: ‘वंशावली’ या ‘स्व-घोषणा पत्र’ जिस पर वार्ड सदस्य/कृषि समन्वयक के हस्ताक्षर हों।

  • बैंक विवरण: आधार से लिंक बैंक खाता और IFSC कोड।

  • मोबाइल नंबर: जो आधार से लिंक हो (OTP सत्यापन के लिए)।


5. ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: सबसे पहले dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएँ।

  2. ऑनलाइन आवेदन लिंक: होमपेज पर “ऑनलाइन आवेदन करें” टैब के तहत “कृषि इनपुट अनुदान योजना (2025-26)” पर क्लिक करें।

  3. पंजीकरण संख्या दर्ज करें: अपना 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर डालें और ‘Search’ पर क्लिक करें।

  4. विवरण भरें: आपकी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। अब खेती का प्रकार (रैयत/गैर-रैयत), जमीन का विवरण (खाता, खेसरा, रकबा) और नुकसान का कारण भरें।

  5. दस्तावेज अपलोड करें: अपनी जमीन की रसीद या स्व-घोषणा पत्र को PDF फॉर्मेट में अपलोड करें।

  6. OTP सत्यापन: ‘Get OTP’ पर क्लिक करें, मोबाइल पर आए कोड को दर्ज करें और ‘Final Submit’ करें।


6. प्रभावित जिलों की सूची 2025

अक्टूबर 2025 की बारिश से मुख्य रूप से 12 जिलों के लगभग 39 प्रखंडों की पंचायतों को शामिल किया गया है। इनमें मुजफ्फरपुर, भोजपुर, अररिया और अन्य बाढ़ प्रभावित जिले शामिल हैं। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर जाकर अपनी पंचायत का नाम जरूर चेक कर लें।


7. आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?

आवेदन करने के बाद आप पोर्टल पर “आवेदन की स्थिति” लिंक के माध्यम से अपने फॉर्म का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी पंजीकरण संख्या की आवश्यकता होगी। यदि आवेदन कृषि समन्वयक द्वारा स्वीकृत हो जाता है, तो राशि सीधे आपके खाते में भेज दी जाएगी।

बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा जारी बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2025 प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलने वाले किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा कवच है। मानसून की अनिश्चितता, भारी वर्षा और “मोंथा तूफान” जैसी आपदाओं से हुए फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है।

नीचे इस योजना का विस्तृत और अद्यतन विवरण दिया गया है:


Bihar Krishi Input Subsidy 2025 : Overview

श्रेणी विवरण
योजना का नाम बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2025
संचालक विभाग कृषि विभाग, बिहार सरकार
मुख्य उद्देश्य बाढ़/वर्षा से प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करना
आवेदन की अवधि 25 नवम्बर 2025 – 02 दिसम्बर 2025
कवर किए गए क्षेत्र 12 जिले, 39 प्रखंड, 397 पंचायतें
अनुदान राशि (प्रति हेक्टेयर) ₹8,500 से ₹22,500 तक
पंजीकरण का माध्यम ऑनलाइन (DBT Agriculture Portal)
हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 (टोल फ्री)

Bihar Krishi Input Subsidy Scheme 2025: मुख्य विवरण

बिहार सरकार ने उन किसानों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है जिनकी खरीफ फसलें अत्यधिक वर्षा और बाढ़ के कारण 33% से अधिक नष्ट हो गई हैं। इस योजना का लाभ न केवल अपनी जमीन पर खेती करने वाले (रैयत) किसानों को मिलेगा, बल्कि दूसरों की जमीन पर खेती करने वाले (गैर-रैयत/बटाईदार) किसान भी इसके पात्र होंगे।


अनुदान की दरें (Rates of Subsidy)

सरकार ने नुकसान की प्रकृति के आधार पर आर्थिक सहायता को तीन श्रेणियों में बांटा है:

  1. असिंचित क्षेत्र (Rain-fed): जहाँ सिंचाई की व्यवस्था नहीं है, वहाँ ₹8,500 प्रति हेक्टेयर

  2. सिंचित क्षेत्र (Irrigated): जहाँ सिंचाई के साधन मौजूद हैं, वहाँ ₹17,000 प्रति हेक्टेयर

  3. बहुवर्षीय/शाश्वत फसलें: गन्ना, फलदार वृक्ष आदि के लिए ₹22,500 प्रति हेक्टेयर

विशेष नोट: एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की भूमि के लिए अनुदान प्राप्त कर सकता है। साथ ही, न्यूनतम अनुदान राशि ₹1,000 (असिंचित) और ₹2,000 (सिंचित) तय की गई है।


पात्रता और जरूरी दस्तावेज

योग्यताएँ:

  • किसान बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।

  • किसान के पास 13 अंकों की DBT पंजीकरण संख्या होनी चाहिए।

  • आवेदक की फसल का नुकसान कम से कम 33% होना चाहिए।

आवश्यक दस्तावेज (Checklist):

  • आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक)।

  • भूमि दस्तावेज: LPC (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र) या जमीन की रसीद (2024-25)।

  • स्व-घोषणा पत्र: गैर-रैयत किसानों के लिए वार्ड सदस्य या कृषि समन्वयक द्वारा सत्यापित।

  • मोबाइल नंबर: आधार से जुड़ा हुआ (OTP वेरिफिकेशन के लिए)।

  • बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।


12 प्रभावित जिलों की सूची

अक्टूबर 2025 की वर्षा से प्रभावित जिलों में ही यह योजना लागू है:

  1. बेगूसराय 2. पूर्वी चंपारण 3. कैमूर 4. मधुबनी 5. किशनगंज 6. गया 7. भोजपुर 8. मधेपुरा 9. दरभंगा 10. मुजफ्फरपुर 11. शिवहर 12. सुपौल।


Bihar Krishi Input Anudan 2025: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

  1. DBT पोर्टल पर जाएँ: सबसे पहले dbtagriculture.bihar.gov.in पर लॉगिन करें।

  2. योजना का चयन: होमपेज पर “ऑनलाइन आवेदन करें” मेनू के अंतर्गत “कृषि इनपुट अनुदान (2025-26)” विकल्प को चुनें।

  3. पंजीकरण संख्या: अपना 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर डालें और ‘Search’ बटन दबाएँ।

  4. डाटा सत्यापन: आपकी व्यक्तिगत जानकारी स्वतः आ जाएगी। नीचे ‘खेती का प्रकार’ (रैयत/गैर-रैयत) चुनें।

  5. जमीन का विवरण: अपनी जमीन का विवरण जैसे खाता, खेसरा, और प्रभावित रकबा (डिसमिल में) भरें।

  6. दस्तावेज अपलोड: एलपीसी या रसीद को स्कैन करके PDF फॉर्मेट में अपलोड करें।

  7. सत्यापन और सबमिट: ‘Get OTP’ पर क्लिक करें, मोबाइल पर आया कोड डालें और फॉर्म को ‘Final Submit’ करें।

आधिकारिक सरकारी लिंक (Official Government Links)

आवेदन करने और अपनी पंचायत की सूची देखने के लिए इन आधिकारिक वेबसाइटों का उपयोग करें:

  1. DBT कृषि पोर्टल (मुख्य पोर्टल): dbtagriculture.bihar.gov.in

  2. कृषि विभाग, बिहार सरकार: state.bihar.gov.in/krishi

  3. आवेदन की स्थिति जांचें: Check Application Status


Bihar Krishi Input Subsidy 2025: विस्तृत विवरण

1. योजना का अवलोकन (Overview)

श्रेणी विवरण
योजना का नाम बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2025
प्रदाता कृषि विभाग, बिहार सरकार
उद्देश्य फसल क्षति (बाढ़/अतिवृष्टि) के लिए आर्थिक मुआवजा
आवेदन तिथि 25 नवम्बर 2025 – 02 दिसम्बर 2025
अधिकतम लाभ ₹22,500 प्रति हेक्टेयर (2 हेक्टेयर तक)
प्रभावित क्षेत्र 12 जिले, 39 प्रखंड, 397 पंचायतें

2. अनुदान सहायता राशि (Amount of Assistance)

यह राशि फसल के प्रकार और भूमि के आधार पर सीधे बैंक खाते में (DBT) भेजी जाती है:

  • असिंचित क्षेत्र (Non-Irrigated): ₹8,500 प्रति हेक्टेयर (न्यूनतम ₹1,000)

  • सिंचित क्षेत्र (Irrigated): ₹17,000 प्रति हेक्टेयर (न्यूनतम ₹2,000)

  • शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित): ₹22,500 प्रति हेक्टेयर (न्यूनतम ₹2,500)


3. पात्रता और आवश्यक दस्तावेज (Eligibility & Documents)

पात्रता:

  • आवेदक बिहार का रैयत (स्वयं की भूमि) या गैर-रैयत (बटाईदार) किसान होना चाहिए।

  • किसान का पंजीकरण (Farmer Registration) DBT पोर्टल पर होना अनिवार्य है।

  • फसल का नुकसान कम से कम 33% होना चाहिए।

दस्तावेज:

  • 13 अंकों का किसान पंजीकरण संख्या

  • भूमि दस्तावेज: LPC या करंट जमीन की रसीद (2024-25)।

  • गैर-रैयत के लिए: वार्ड सदस्य/कृषि समन्वयक द्वारा सत्यापित स्व-घोषणा पत्र।

  • आधार से लिंक बैंक खाता विवरण


4. प्रभावित 12 जिलों की सूची

यदि आप इन जिलों के निवासी हैं, तभी आप आवेदन कर सकते हैं:

  • बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, कैमूर, मधुबनी, किशनगंज, गया, भोजपुर, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, शिवहर, और सुपौल।


5. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (Step-by-Step)

  1. DBT Portal (dbtagriculture.bihar.gov.in) पर जाएँ।

  2. ‘ऑनलाइन आवेदन’ टैब में “कृषि इनपुट अनुदान (खरीफ 2025-26)” पर क्लिक करें।

  3. अपनी पंजीकरण संख्या डालकर ‘Search’ करें।

  4. अपनी जमीन का विवरण (खाता, खेसरा, रकबा) और नुकसान का विवरण भरें।

  5. दस्तावेज (LPC/रसीद) अपलोड करें और OTP सत्यापन के बाद सबमिट करें।

Bihar Krishi input Anudan 2025 Online Apply

यह वीडियो आपको बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना के लिए अपने मोबाइल से ऑनलाइन आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया को चरण-दर-चरण समझने में मदद करेगा।

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निष्कर्ष

बिहार कृषि इनपुट अनुदान 2025 किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। आवेदन की अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2025 है, इसलिए बिना देरी किए अपना आवेदन पूरा करें।

FAQs

Here are the FAQs in English and the Tags with commas as requested:

Frequently Asked Questions (FAQs)

1. What is the main objective of the Bihar Krishi Input Subsidy 2025? The scheme aims to provide financial compensation to farmers whose Kharif crops were damaged by natural calamities like heavy rain, floods, or the “Montha Storm” in October 2025.

2. How much subsidy is provided per hectare? The subsidy amount depends on the type of land: ₹8,500 for non-irrigated land, ₹17,000 for irrigated land, and ₹22,500 for perennial/permanent crops (like sugarcane and fruit trees).

3. Can sharecroppers (Non-Raiyat farmers) apply for this scheme? Yes, Non-Raiyat (sharecroppers) are eligible. They must submit a self-declaration form (Swa-Ghoshna Patra) verified by their local Ward Member or Agriculture Coordinator.

4. What is the maximum land limit for receiving the subsidy? A farmer can receive the subsidy for a maximum of 2 hectares (approx. 494 decimals) of affected land.

5. What is the deadline for the online application? The online application window for the 12 affected districts is open from November 25, 2025, to December 2, 2025.

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